मुख्य खबर

हादिया: मैं आजाद होकर खुश हूं, ये सब मेरे इस्लाम धर्म कबूलने से हुआ

kerla love jihad

कोझिकोड, 10 मार्च: ‘लव जेहाद’ की कथित पीड़िता हादिया के एक मुस्लिमयुवक के साथ विवाह को निरस्त करने के केरल उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय द्वारा रद्दकिए जाने पर आज हादिया ने “अब आजाद” होने पर खुशी जताई। हादिया इस समय केरल के कोझिको़ड में अपने पति को देखने के लिए पहुंची हैं।

वह कॉलेज लौटने से पहले 3 दिन अपने पति के साथ रहेंगी। हादिया तमिलनाडु के सलेम में एक कॉलेज हॉस्टल में रहती हैं और वहां के प्रधान अध्यापक की देखरेख में अपनी पढ़ाई पूरी कर रही है।

उन्होंने अपने पति शफीन जहां के साथ पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया: पीएफआई: के प्रमुख ई अबूबकर से मिलने के बाद कहा, “मैं अब आजाद होकर खुश हूं।”

हादिया ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि उनकी शादी इसलिए चर्चा का विषय बनी क्योंकि इसमें धर्मांतरण शामिल था।हादिया ने कहा, “संविधान अपना धर्म चुनने की पूरी आजादी देता है, जो हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और यह सब मेरे इस्लाम कबूलने की वजह से हुआ।”

उन्होंने सवाल किया कि कोई अन्य धर्म अपनाने में क्या गलत है। हादिया ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में उनका साथदेने वाले पीएफआई प्रमुख काशुक्रिया अदा करने के लिए उन्होंने आज उनसे मुलाकात की ।

हादिया ने कहा, “मैंने इस्लाम धर्म अपनाने की इच्छा के साथ मदद के लिए कई अन्य मुस्लिम संगठनों से बात की। केवल पीएफआई मेरे साथ खड़ा हुआ और इसने शीर्ष अदालत में कानूनी रूप से इस मामले में लड़ने में हमारी मदद की।”

हादिया के पति जहां ने कहा कि वे जल्द ही अपने रिश्तेदारों से मिलने जाने वाले हैं। शीर्ष अदालत ने आठ मार्च को केरल उच्च न्यायालय के जहां से हादिया की शादी निरस्त करने के आदेश को खारिज कर दिया था।

Comments
To Top