राजनीति

फूलपुर व गोरखपुर से अपने प्रत्याशी वापस ले सकती है कांग्रेस, भाजपा हराने को सपा को समर्थन

Rahul gandhi with Akhilesh Yadav

एनडी टीवी में छपी ख़बर के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश में हो रहे लोकसभा उपचुनाव में बसपा के बाद अब कांग्रेस सपा को समर्थन की घोषणा करते हुए अपने प्रत्याशी वापस ले सकती है। आपको यह बता दें कि कल ही मायावती ने प्रेस कोंफ़्रेंस करते हुए भाजपा के ख़िलाफ़ एकजुटता की घोषणा करते हुए अपने कार्यकर्ताओं को भाजपा के ख़िलाफ़ मत देने की बात की थी।

हालाँकि मायावती उपचुनाव नही लड़ती हैं। इसलिए इस उपचुनाव में भी उन्होंने अपना कोई उम्मीदवार नही खड़ा किया था। उन्होंने प्रेस कोंफ़्रेंस में जो प्रत्याशी भाजपा को हरा रहा हो उसे मतदान करने की बात कही थी। लेकिन राज्य सभा की एक सीट पर उन्होंने सपा के साथ सहमति की बात कही।

जिससे इसे अप्रत्यक्ष रूप से सपा को समर्थन माना जा रहा है। अब ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि कांग्रेस ने भी भाजपा को हराने के लिए गोरखपुर और फूलपुर से अपने प्रत्याशी वापस ले सकती है। इससे पहले भी कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन रखते हुए एक-एक सीट पर बँटवारे के साथ चुनाव लड़ना चाहती थी लेकिन ऐसा नही हो सका। अब ऐसे में कांग्रेस पार्टी भी अपना उम्मीदवार हटाकर एक मजबूत लड़ाई पेश करने की रणनीति पर चल सकती है।

बता दें कि यूपी में समाजवादी पार्टी और बीएसपी 23 साल तक चली दुश्‍मनी के बाद साथ आए हैं। समजावादी पार्टी राज्‍यसभा चुनाव में बीएसपी उम्‍मीदवार को वोट देगी और बीएसपी विधान परिषद चुनावों में समाजवादी पार्टी उम्‍मीदवार को। इसके साथ बीएसपी गोरखपुर और फूलपुर उपचुनावों में समाजवादी पार्टी को समर्थन करेगी। इसे 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए एक गैर बीजेपी महागठबंधन का संकेत भी माना जा रहा है। 23 साल बाद मायावती समाजवादी पार्टी के साथ किसी सियासी में दाखिल हो रही हैं।

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