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उन्नाव रेप: भाजपा MLA का भाई अतुल सेंगर गिरफ्तार, इसकी पिटाई से पीड़िता के पिता की हुई थी मौत

उन्नाव गैंगरेप मामले में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है. विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि रेप पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में बीजेपी विधायक के भाई की गिरफ्तारी हुई है.

उन्नाव मामले में यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने बयान जारी कर कहा है कि भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया है. दुष्कर्म पीड़िता के पिता से मारपीट करने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है. डीजीपी का कहना है कि यूपी पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं की है. जो भी दोषी सामने आएंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

मालूम हो कि उन्नाव के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली युवती के पिता की सोमवार तड़के जेल में मौत हो गई थी. पीड़ित परिवार ने विधायक और उसके भाई पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी पिटाई से ही पिता की मौत हुई है.

उन्नाव की एसपी पुष्पांजलि देवी ने बताया था कि रेप की इस घटना में कड़ी कार्रवाई करते हुए दो पुलिस अधिकारी और कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही पीड़िता के पिता को मारने-पीटने वाले चार लोगों को गिफ्तार भी किया गया है.

बीजेपी विधायक के भाई की गिरफ्तारी पर रेप पीड़िता ने कहा है कि ‘ मैं नहीं जानती कि उसका भाई गिरफ्तार हुआ है. कुलदीप सिंह तो अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है. मैंने मांग की है कि उसे फांसी पर चढ़ाया जाए. उन्होंने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी. मैं इंसाफ चाहती हूं. उन्होंने मेरे पिता को भी मार डाला.’

वहीं विवाद के केंद्र में रहे बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने भी सोमवार को अपना पक्ष रखा. मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए सेंगर ने कहा, ‘मेरे खिलाफ कोई आरोप नहीं है. मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं. कड़ी कार्रवाई उनके खिलाफ होनी चाहिए जो इस मामले के असल दोषी हैं.’

इससे पहले, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सीएम योगी से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांग लिया है. अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह की कोशिश करने वाली दुष्कर्म की पीड़िता के पिता की ‘पुलिस कस्टडी’ में दर्दनाक मृत्यु अत्यंत दुखदायी है. इसकी उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. महिलाओं के मान की रक्षा के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

उल्लेखनीय है गत 3 अप्रैल को मुकदमा वापस नहीं लेने पर कथित रूप से विधायक के भाई ने पीड़िता के पिता को जमकर पीटा था. बुरी तरह घायल होने के बाद भी पुलिस ने पीड़ित पर ही मुकदमा लिख उसे जेल भेज दिया था, लेकिन सोमवार को जेल में हालत ख़राब होने के बाद रेप पीड़िता के पिता को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
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