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AMU के छात्रों के नाम इमरान प्रतापगढी का खुला खत, कहा- बहकावे में मत आईये, इस बार लड़ाई बड़ी और आर-पार की है!

AMU विवाद के बीच खुद के बारे में फैलाये जा रहे झूठ से आहत होकर शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने AMU के संघर्षरत छात्रों को संबोधित करते हुए एक खत लिखा है जिसमें उन्होंने साफ़ तौर पर ये बातें की है की ये AMU की लड़ाई को भटकाने की एक साजिश भर है इसके बहकावे में मत आईये और अपनी लड़ाई जारी रखिये क्योंकि इस बार लड़ाई बड़ी और और आर-पार की है किसी इमरान के आने और ना आने से या दो चार फुटकर नेताओं के इमरान के ख़िलाफ़ अभियान चलाने से AMU जैसी बुलंद संस्था के वजूद पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा। मैंने कल JNU की हिमायत की थी आज AMU की कर रहा हूँ, करता रहूँगा ! ये जो झूठ फैलाया जा रहा है इससे अपने ऑंदोलन को बचाइये, सबसे अहम है ऑंदोलन में आप लोगों की जीत।

आईये एक नज़र डालते हैं इमरान प्रतापगढ़ी की फेसबुक पोस्ट पर की उन्होंने अपनी इस फेसबुक पोस्ट में और क्या कुछ लिखा है

AMU के मेरे भाईयों………….!!

कल से लगातार एक झूठ सोशल मीडिया पर फैलाया जा है, पूरी तरह से बेबुनियाद, बेसिर पैर का !

मैं कर्नाटक में फ़ासिस्ट ताक़तों के ख़िलाफ अपने स्तर से लडाई लड रहा हूँ, तब फेसबुक पर एक टीम सक्रिय कर दी गई है कि इमरान को बदनाम करो !

एक मायावती जी के लिये छात्रसंघ के पैड पर वोटों की हिमायत करने वाले नेता जी कह रहे हैं मैंने उनसे ये कहा था कि मैं आज़म ख़ान के मुशायरे में चला जाऊँगा, उनसे मेरा काम भी हो जायेगा ! उनसे सवाल करिये कि आज़म ख़ान भी तो उसी AMU का हिस्सा रहे हैं उनसे छोटे वाले नेता जी को क्या तक़लीफ़ है !

नेता जी को तक़लीफ़ है कि मैं उनकी जीत के जश्न के मुशायरे में नहीं गया ! दरअसल वो मुशायरे से ज्यादा उनकी जीत के जश्न का समारोह था इसलिये नहीं गया था उस मुशायरे में !

नेता जी 2016 से अब तक चुप थे लेकिन जब आज क़ौम को सबसे ज़्यादा एकजुट रहने की ज़रूरत थी तो नेता जी ने पोस्ट लिख मारी कि इमरान मेरे मुशायरे में नहीं आये थे, इसलिये मेरे दिल में कसक भरी है !

 

 

मेरे भाई,

इस बार लडाई बहोत बडी और आरपार की है…….. इसे भटकने मत दीजिये…….. किसी इमरान के न आने से या आ जाने से या चार छह नेताओं के अभियान चलाने से AMU जैसी बुलंद संस्था के वजूद पर कोई फर्क़ नहीं पडेगा !!

इसके पीछे उन छोटे छोटे नेताओं की चाल को भी समझिये जो जाने अनजाने वही काम कर रहे हैं जो RSS चाहती है !

मैंने कल JNU की हिमायत की थी आज AMU की कर रहा हूँ, करता रहूँगा !

ये जो झूठ फैलाया जा रहा है इससे अपने ऑंदोलन को बचाइये, सबसे अहम है ऑंदोलन में आप लोगों की जीत !

आज़ाद था, आज़ाद है आज़ाद रहेगा
AMU तो आबाद है आबाद रहेगा !!

-इमरान प्रतापगढ़ी

 

गौरतलब है कि जब से AMU प्रकरण हुआ तब से शायर इमरान प्रतापगढ़ी लगातार बड़ी मुखरता से अपनी आवाज़ उठा रहे हैं.  

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