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इमरान…..अकल्पनीय सफर, बेमिसाल कामियाबी, बेपनाह शोहरातें का उदाहरण या निरंतर विवादों का केंद्रबिंदु ?

लगता है की दिल खींचकर आ जाता है हाथों में
तुझे लिखूं तो मेरी उँगलियाँ ऐसी धड़कती है !!

इमरान ….. !!

एक सोंच का अकल्पनीय सफर, बेमिसाल कामियाबी, अतुलनीय सफलता की गाथा, मोहब्बतों का अनंत महासागर, बेपनाह शोहरातें का उदाहरण ……. या निरंतर विवादों का केंद्रबिंदु ?

शोहरत और विवाद का हमेशा से साथ रहा है . जहाँ मीठा शहद होता है मधुमक्खियां वहीं भिनभिनाती है. जब सफलता अपका मुक़द्दर बन जाये, तो पहनी या ना पहनी गई बनियान भी विवाद का मुद्दा बन जाती है . आपके नाम के साथ “सेलेब्रिटी” टैग लग जाये तब आप खुदको कठघरे मे खडा पायेंगे … अनेकों आरोप होंगे, कईयों प्रश्न होंगे, लॉजिक की धज्जियाँ उडाते कुतर्क होंगे और साथ साथ प्रशंसा होगी, सटीक प्रश्न होंगे, कुछ जायज़ इलज़ाम होंगे क्यूंकि सेलेब्रिटी भी इंसान होते है और उनके पास भी ग़लती करने का छोटा सा मार्जिन होता है .

एक गुम नाम से कसबे से निकलकर, महज़ इक्कत्तीस वर्ष की छोटी सी आयु मे, अदब के मंचों पर बादशाहत जमाने वाली, शायर इमरान प्रतापगढ़ी की ये असाधारण कीर्ति यात्रा जहाँ उनके प्रशंसकों के गर्व का बायस है, वहीं उनके आलोचकों के लिए लगातार विवाद का विषय रही है . किसी विवादस्पद विषय पर कही गई नज़्म हो, कोई भावुक नज़्म को पढते समय भर आई इमरान की आँखें हो, उनके द्वारा चलाई गई कोई मुहीम हो, सामाजिक कार्यों की सोशल मीडिया पर की गई घोषणा, चुनावी गतिविधियां हो, मुशायरों की अपार कामियाबी हो, या हज़ारों हज़ार संख्या मे इमरान को सुनने आते युवा …. इमरान किसी न किसी कारण अलोचकों के निशाने पर हमेशा रहते है .

इमरान जब किसी मुद्दे पर अनूठे अन्दाज़ मे विरोध दर्ज करने मुहीम चलाते है तो सोशल मीडिया का एक बडा तब्खा उस मुहीम के खिलाफ अपनी पूरी ताक़त झौंक देता है .  वहीं उनके प्रशंसक मुहिम के समर्थन मे कोई कर कसर नही छोडते . इमरान के किसी कार्यक्रम का समर्थन हो या विरोध, दोंनो ही का मात्र घंटों मे सोशल मीडिया पर वायरल हो जाना इमरान की निर्विवाद लोकप्रियता को दर्शाता है. समर्थन और आलोचना के इस दिलचस्प द्वन्द का कुरुक्षेत्र बन चुका सोशल मीडिआ अब और भी रोमांचक हो गया है .

अमु विवाद को लेकर इमरान फिर से चर्चा मे है .  इमरान के पॉलिटिकल चॉइस पर सवाल किया जा सकता है, उनके फीस  पर चर्चा भी हो सकती है पर इमरान के नीयत पर सवाल नही किया जा सकता . जिस युवा ने अनेकों समाजिक कार्यों मे बढ़ चढकर हिस्सा लिया हो, मज़लूमों ज़रूरतमंदो तक कई बार आर्थिक मदद पहुंचाई हो उसकी नीयत पर शक ग़ैर वाजबी है.

संघर्ष के पथरीले और नुकीले रास्तों के गुज़र कर आज इमरान ने खुद को एक “ब्रांड” के रुप मे स्थापित किया है.  शोहरत की उस शिखर का रास्ता आलोचना की गहरी काई से हो कर गुज़रता है . इमरान भी उस रास्ते मे कई बार फिसले, कई बार गिरे और कई बार चोटिल भी हुए, पर जवाब मे अपने होटों पर हमेशा एक पॉज़िटिव मुस्कान रखी और अपनी पूरी ऊर्जा उस शिखर पर पहुँचने मे लगा दी.  इमरान का यही सकारात्मक दृष्टिकोण उनकी सफलता की चाबी है .

जहाँ आलोचना ख़तम हो जाती है वहाँ बेहतरी की गुंजाईश नही रहती.  यही आलोचनाएं इमरान को थकने नही देती, खुद को और निखारने का उनका खुद से सँघर्ष जारी है .
इमरान के कीर्ति यात्रा का ये तो बस ट्रेलर है ……… पिक्चर अभी बाक़ी है !!

-Fatima Naz

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