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स्मृति ईरानी के हाथ से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार लेने से कलाकारों का इनकार

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले 60 से अधिक कलाकारों ने कहा है कि वे गुरुवार शाम को आयोजित होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल नहीं होंगे क्योंकि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद स्थापित परंपरा से अलग हटकर केवल 11 लोगों को पुरस्कार देंगे.

देशभर के कलाकारों ने फिल्म महोत्सव निदेशालय, भारत के राष्ट्रपति कार्यालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर अपनी नाराज़गी जताई है.

उन्होंने कहा कि वे आख़िरी क्षण में यह सुनकर दुखी हैं कि राष्ट्रपति केवल 11 कलाकारों को पुरस्कार देंगे. बाकी लोगों को सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी पुरस्कार देंगी.

पत्र में लिखा गया है, ‘यह भरोसे के टूटने जैसा लगता है जब अत्यधिक प्रोटोकॉल का पालन करने वाला एक संस्थान/समारोह हमें बिना पूर्व सूचना दिए समारोह के इस महत्वपूर्ण आयाम की सूचना देने में विफल रहता है. यह दुर्भाग्यपूर्ण लगता है कि 65 साल से चली आ रही परंपरा को एक पल में बदला जा रहा है.’

कलाकारों ने कहा कि उन्होंने बुधवार शाम स्मृति ईरानी से इस मामले पर चर्चा की और उन्होंने इसका जवाब देने का वादा किया.

उन्होंने पत्र में कहा, ‘हमारी शिकायत पर जवाब न मिलने की परिस्थिति में हमारे पास समारोह से ग़ैरमौजूद रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. हमारी पुरस्कार का बहिष्कार करने की मंशा नहीं है लेकिन हम अपनी असंतुष्टि से अवगत कराने के लिए समारोह में शामिल नहीं हो रहे हैं और इसका हल निकलने का इंतज़ार कर रहे हैं.’

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले कुछ कलाकारों की ओर से अंतिम समय में विरोध दर्ज कराने की घटना की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति भवन ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सभी पुरस्कार कार्यक्रमों में अधिकतम एक घंटे रुकते हैं और इस बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को अवगत करा दिया गया था.

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार गुरुवार शाम को प्रदान किया जाएगा.

राष्ट्रपति भवन की ओर से यह बयान ऐसे समय में जारी किया गया है जब पुरस्कार के लिए चुने गए तकरीबन 60 लोगों ने समारोह में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय किया क्योंकि राष्ट्रपति केवल 11 लोगों को ही पुरस्कार प्रदान करेंगे.

राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति सभी पुरस्कार कार्यक्रमों और दीक्षांत समारोहों में अधिकतम एक घंटे रुकते हैं. यह प्रोटोकाल उनके पदभार ग्रहण करने के समय से ही चला आ रहा है. इस बारे में सूचना और प्रसारण मंत्रालय को कई सप्ताह पहले ही अवगत करा दिया गया था और मंत्रालय को इसकी जानकारी थी.

उन्होंने कहा कि अंतिम समय में इस तरह से सवाल उठाने से राष्ट्रपति भवन आश्चर्यचकित है.

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